भारतीय पत्रकार संघ (AIJ), पंजीकृत 2014, हरियाणा से पंजीबद्ध हैं।
पत्रकारिता की गरिमा और पत्रकार हितों की रक्षा हेतु विगत 11 वर्षों से समर्पित भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) पूरे देश के पत्रकार साथियों को चेतावनी देता है कि कुछ षड्यंत्रकारी तत्व “Association of Indian Journalist” के नाम से फर्जी संगठन चलाकर पत्रकार जगत को गुमराह करने और अवैध रूप से चंदाखोरी करने में लगे हैं।
एआईजे के सेम नाम पर कंपनी एक्ट की धारा 8 में बनाए गए फर्जी संगठन का पर्दाफाश
विगत वर्ष अहमदाबाद (गुजरात) में Association of Indian Journalist नामक कंपनी (CIN: U94120GJ2023NPL144970) को कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत कराया गया। इस कंपनी के दो निदेशक में से एक स्वयं को “राष्ट्रीय अध्यक्ष” बनाकर प्रदेश एवं जिला स्तर की फर्जी कार्यकारिणी नियुक्त कर रहे हैं। इनका उद्देश्य स्पष्ट है—पत्रकारों के नाम पर धोखाधड़ी कर भ्रम फैलाकर स्वार्थ हेतु धन उगाही आदि क्रियाकलाप करना।
यह कोई पहला अपराध नहीं है। इस गिरोह का आपराधिक इतिहास स्वयं बोलता है:
भाजपा (BJP) की तर्ज पर BHP (भारतीय हितरक्षक पार्टी) नामक राजनीतिक दल बनाकर स्वयं को “राष्ट्रीय अध्यक्ष” और बेटे को “युवा विंग अध्यक्ष” घोषित किया
महाराष्ट्र स्थित महाकाल भैरव अखाड़ा के नाम का दुरुपयोग कर श्री महाकाल भैरव अखाड़ा, उज्जैन का पंजीयन कराया।
शनि मंदिर निर्माण और गौशाला के नाम पर आमजन से धोखाधड़ी कर चंदा वसूला।
स्पष्ट है कि इनका तरीका एक ही है—प्रसिद्ध नामों का दुरुपयोग कर फर्जी संगठन खड़ा करना और भोले-भाले लोगों से धन ऐंठना।
विधिक दृष्टिकोण एवं आपराधिक कृत्य
भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत संबंधित प्राधिकरणों (Registrar of Companies, गृह मंत्रालय, पुलिस विभाग) को प्रस्तुत की है।
इन तत्वों पर निम्न कानूनी धाराएँ लागू होती हैं:
भारतीय दंड संहिता (IPC)
धारा 420 – धोखाधड़ी एवं छल द्वारा संपत्ति हड़पना
धारा 467/468 – जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करना
धारा 471 – फर्जी दस्तावेज का उपयोग
धारा 120B – आपराधिक षड्यंत्र
कंपनी एक्ट, 2013
धारा 8(6) – धारा 8 कंपनी का उद्देश्य बदलने पर सख्त कार्रवाई
धारा 447 – धोखाधड़ी करने पर 10 वर्ष तक का कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड
सोसाइटी एक्ट व ट्रेडमार्क एक्ट
नाम और पंजीकृत पहचान का अवैध उपयोग करने पर अतिरिक्त दंड हैं।
AIJ स्पष्ट करता है कि ऐसे अपराधी तत्वों के खिलाफ हर स्तर पर कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
AIJ की उपलब्धियाँ और वास्तविक कार्य
फर्जी संगठनों की वास्तविकता उजागर करने के साथ यह भी आवश्यक है कि पत्रकार जगत को पता चले कि असली भारतीय पत्रकार संघ (AIJ) कौन है और उसने क्या किया है।
सदस्यता और विस्तार: 82,000+ सदस्य, 24 राज्यों और 550+ जिलों में सक्रिय।
सम्मेलन और बैठकें: 500 से अधिक भव्य सम्मान सम्मेलन और बैठकें; प्रत्येक कार्यक्रम में सैकड़ों से लेकर 1000 से अधिक पत्रकारों की भागीदारी के साथ।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ: पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए निःशुल्क चिकित्सा जांच, शिक्षा ऋण और छात्रवृत्ति योजनाएँ।
सम्मान और पुरस्कार: उत्कृष्ट पत्रकारिता हेतु रचनात्मक पत्रकारिता सम्मान सहित अनेक पुरस्कार।
सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियाँ: सांप्रदायिक सद्भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा।
निशुल्क सदस्यता: हर पत्रकार को बिना किसी शुल्क के सदस्यता प्रदान।
एआईजे साथियों से अपील
AIJ सभी पत्रकार साथियों और आम नागरिकों से अपील करता है कि:
ऐसे फर्जी संगठनों से सावधान रहें।
किसी भी प्रकार की सदस्यता शुल्क या चंदा न दें।
यदि किसी के पास इस फर्जीवाड़े से जुड़े प्रमाण हैं तो तत्काल प्रशासन एवं AIJ को सूचित करें।
उल्लेखनीय हैं कि पत्रकारिता की आड़ में अपराध करने वाले ऐसे तत्व केवल पत्रकार जगत ही नहीं बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरा हैं। AIJ यह वचन देता है कि ऐसे अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसने और पत्रकार समाज की गरिमा की रक्षा के लिए हर संभव कठोर कदम उठाएगा।
भवदीय,
विक्रम सेन
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भारतीय पत्रकार संघ (AIJ)



