
मुख्य संपादक दशरथ सिंह कट्ठा
झाबुआ…जिले के मेघनगर में उस समय हड़कंप मंच गया जब गारिया नाले के पास नील गाय का शव मिला। नील गाय का शव मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मेघनगर-झाबुआ के बीच गारिया नाले पर ही रोड़ के बीचोबीच धरने पर बैठ कर चक्काजाम कर दिया। मेघनगर और झाबुआ दोनो तरफ वाहनों का लंबा जाम लगया चक्काजाम कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ट्रीटमेंट प्लांट से बाहर छोड़ा गया जहरीला कैमिकल दूषित लाल पानी पीने से आये दिन मछली,मेढक,गाय,और पालतू जनवरों सहित वन्य जीवो की मौत हो रही हैं तो वही शनिवार को सुबह वन्य जीव नीलगाय गरिया नाला(खाल) के समीप म्रत पाई गई। नील गाय का शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणजन भारी मात्रा में इकट्ठे हो गए और ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहाँ पहले भी एक गाय की मौत इसी तरह दूषित पानी पीने के कारण हो चुकी हैं। और इसकी सूचना हमने मेघनगर एसडीएम व तहसीलदार को भी दी थी लेकिन कोई भी एक्शन नहीं लिया गया था। ग्रामीणों द्वारा 1 घंटे तक रतलाम झाबुआ स्टेट हाईवे को जाम रखा और आरोप लगाया कि कैमिकलयुक्त पानी पीने से लगातार मवेशियों की मौत हो रही है। चक्का जाम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और तहसीलदार कटारा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल्द से जल्द जांच करवा कर एक सप्ताह में रिजल्ट देने की बात कही तब जाकर गुस्सा आए ग्रामीणों ने चक्का जाम बंद किया।




