स्वीप मतदान आयोजन रैली में बच्चों का पैदल मार्च अधिकारी गाड़ियों में रहे डटे
मुख्य संपादक दशरथ सिंह कटठा
झाबुआ… मतदाता जागरूकता के प्रयास हेतु प्रशासन के नित्य नए कार्य सम्पादित कर रहा है ईवीएम मशीन का प्रदर्शन बच्चो को निर्भीक मतदान की शपथ रैली, रंगोली प्रदर्शन आदि कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है इसी कड़ी में आज स्थानीय प्रशासन के साथ निजी क्लब के मुट्ठी भर लोग सक्रिय रहे जबकि इस क्लब द्वारा बड़े बड़े दावे किए जाते है जबकि आये दिन यह क्लब विवादों के घेरो में रहा है चाहे शव वाहन हो,मरचुरी रूम हो आये दिन इनको लेकर लोग अपनी भड़ास निकाल ते रहते है मगर न जाने क्यों प्रशासन को ऐसी कौनसी मीठी घुट्टी पिलाकर अपना नाम बड़ा करने के चक्कर मे अपने पाले में प्रशासन को खड़ा कर अपनी रोटी सेक रहे हैं ऐसे में आज शासकीय विद्यालय एवं नगर के प्राइवेट विद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई, एक ओर रैली में बारिश की रिमझिम फुहार ओर दूसरी ओर छात्र छात्राओं के हाथों में मतदान जागरूकता से सरोबार तख्तीया थी वही इस आयोजन के कर्त्ता धर्त्ता अपने वाहनों में बैठकर रैली के पीछे चल रहे थे आखिर क्या वजह है कि नगर में इन बच्चियों से कंधे से कंधा मिलाकर पेदल चलना अधिकारियों ने उचित नही समझा क्या वह पैदल नही चल सकते है तो वही निजी सामाजिक क्लब द्वारा अपनी वाह वाही दिखाने के लिए तीन रंगों की टोपी बाटकर अपना नाम बडा करने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही हैं जब कि आयोजित कार्यक्रम प्रशासनिक था लेकिन निजी क्लब अपना नाम चमकाने से बाज नही आ रहा है प्रशासनिक बेनर में भी अपना नाम लिखवा कर और अपना काम बता कर निजी क्लब द्वारा अपने आला कमान को फोटो भेजकर नाम बढ़ा करने में भी कोई कसर नही छोड़ रहा है। यह आयोजन प्रशासनिक नही बल्कि निजी क्लब का लग रहा था तो वही अगर स्कूल बच्चो की बात कतरे तो हम आपको बता दे कि बच्चों की त्रैमासिक परीक्षा अगले 5 से 6 दिनों में होना है ऐसे में बच्चों को पढ़ाने की बजाय रैली मे शामिल कर जनजागृति लाना कितनी समझदारी है यह तो वही जाने मगर अब यह सवाल चर्चाओं के घेरे में है।अगर यह आयोजन करना ही था तो त्रिमासिक परीक्षा होने के बाद भी करते तो काफी अच्छा होता आखिर जो भी हो मगर आखिर एसडीएम न साहब को सचेत करने के बाद भी एसडीएम द्वारा स्थानीय पत्रकारों को सूचना नही दी गई जबकि एक महत्वपूर्ण आयोजन में पत्रकारों को दूर रखना व निजी क्लब को गले लगाना अब समझ से परे हैं ओर साथ ही में बच्चों को वितरित टोपियों में भी अपना नाम ऊंचा करने में पीछे नही रहा निजी क्लब और प्रशासन को पीछे रखकर अपना नाम बड़ा करने में लगे रहे ओर प्रशासन को सब ठीक है करने का भरोसा देते रहे वाह रे रोजी रोटी क्लब तेरी माया तू ही जाने अपना नाम चमकाने में और क्या क्या करेंगे।




