मुख्य संपादक दशरथ सिंह कटठा
अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो से क्यो हैं इनलोगो को इतनी ग्रहणा
झाबुआ… जिले के मेघनगर के ग्राम पंचायत रंभापुर के माध्यम से नगर में अनूसूचित जाति के वर्ग के लिए सांसद निधि से स्वीकृत आंबेडकर सामुदायिक भवन निर्माण में रंभापुर के स्थानीय शिक्षक व इसी महाशय के साथी लोगो द्वारा विरोध कर भवन को नही बनाने दिया जा रहा हैं इसे लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर कार्यालय में चल रही जनसुनवाई में आवेदन देने पहुँचे और कलेक्टर से भवन बनाने को लेकर गुहार लगाई वही आवेदन में बताया कि अंबेडकर सामुदायिक भवन गांव में हरिजन बस्ती के पास खाली जगह पर जहां पूर्व में कुआं था व गंदगी थी जो कि कुआं लंबे समय से दब गया उसके आसपास समाजंन सफाई करवाई व भवन स्वीकृत होने पर पंचायत ने मौखिक जगह पर निर्माण की स्वीकृति भी दी जिस पर गांव के रहवासी शिक्षक शंकर सिंह दातला जो कि नहारपुरा मेघनगर संकुल जनजातीय विभाग अंतर्गत पदस्थ हैं न लेआउट डल रही जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाया दिया। और कहा कि ये मंदिर खाते की जमीन है इस पर ये भवन नही बना सकते हो आप जब कि उसी मंदिर खाते की जमीन पर इन्ही के समाज के कई निजी मकान बने हुए है तो कई लोगो के पास मंदिर कहते कि जमीन के खेत भी ले कर खेती कर रहे वाह ये लोग आपत्ति क्यो नही ले रहे और यहाँ क्यो आपत्ति ले रहे है इस भवन को लेकर किसी को आपत्ति नहीं फिर शंकर सिंह क्यों हठधर्मिता दिखा रहा हैं। ये क्यो अनुसूचित जाति वर्ग के लोगो से ग्रहणा कर रहे हैं संविधान निर्माता बाबा साहेब के नाम आए भवन को रूकवा कर बाबासाहेब की आस्था व श्रद्धा पर ठेस पहुंचा रहा। इसी आशय को लेकर सेकड़ो रहवासियों ने कलेक्टर को जनसुनवाई में गुहार लगाई जिस पर एसडीएम मुकेश सोनी ने मौके पर पहुँच कर मौका मुआयना किया। शिक्षक को भी आवश्यक दस्तावेज लेकर एसडीएम आफिस तलब किया जिसमें उसने बाहर आवश्यक कार्य का होकर दो दिन बाद आनेको कहा लोगों का कहना है न शिक्षक मंदिर का शासकीय कलेक्टर दर का पुजारी न गांव का नायक तों फिर ये क्यों एसे कृत्य कर रहा हैं।


रहवासियों का कहना हैं कि इस जमीन पर कई वर्षों तक कुआ था पीपल का पेड़ था लोग पूजा पाठ करते थे लेकिन वहाँ अब कुआँ ओर पीपल का पेड़ नही हैं उस जमीन पर चारो तरफ गन्दी फैली हुई और सासंद निधि से जो अंबेडकर सामुदायिक भवन आया हुआ हैं उस भवन को बनाने के लिए जमीन पर पड़ी गन्दगी की साफसफाई की गई और सफाई की गई जमीन इन्हें दिखने लगी और आपत्ति ले रहे जबकि यहाँ भवन बनने से सभी वर्ग के लोगो को लाभ होगा लेकिन इन्हें यहाँ देखा नही जा रहा और ये लोग अंबेडकर सामुदायिक भवन निर्माण का विरोध करने लगे



