एपिक हासपीटल संचालक हार्ट स्पेशलिस्ट डाक्टर अनिल जैन ने सफल स्वास्थ्य परीक्षण सर्व रोग उपचार शिविर के समापन पर आयोजक पंकज वागरेचा का अभिनंदन बहुमान किया
स्वास्थ जागरूकता व ह्रदय रोग से बच्चने के लिए स्पेशल चर्चा में डाक्टर अनिल जैन ने दिया परामर्श
मुख्य संपादक दशरथ सिंह कट्ठा झाबुआ
झाबुआ…नगर में समाज रत्न संथारा साधक हंसमुखलाल वागरेचा की प्रथम पुण्यतिथि स्मरण पर स्थानीय महावीर भवन पर सर्वरोग निदान शिविर निशुल्क परामर्श जांच उपचार दवाई वितरण के साथ संपन्न हुआ। अहमदाबाद एपिक हास्पीटल की टीम के 35 डॉक्टर स्पेशलिस्ट जनों के साथ सुबह नौ बजे से शाम छः बजे डटी रही। तीन हजार से अधिक लाभान्वित कुछ गंभीर बिमारी आपरेशन योग्य मरीज़ चिन्हीकरण हुआ जिनका आवश्कता पढ़ने पर निःशुल्क आपरेशन भी वागरैचा परिवार की और डाक्टर अनिल जैन की टीम द्वारा किया जा सकता है। सफल आयोजन समापन आयोजक पंकज वागरेचा,नीलेश वागरैचा एवं संजय वागरेचा का सम्मान डायमंड ग्रुप एवं कुछ विभिन्न सामाजिक संगठनों ने किया।
स्वास्थ्य संबंधित परामर्श कार्यशाला संपन्न
समापन अवसर पर डाक्टर अनिल जैन का स्पेशल सत्र स्वास्थ सुरक्षा हार्ट रोग से बचें विषय पर हुआ। सरल सहजता से डाक्टर अनिल जैन ने उपस्थित जनौ के सवाल के ज़वाब दिए। डाक्टर अनिल जैन के व्यतित्व का संघर्ष पर वक्ताओं ने प्रकाश डालते हुए बताया कि झाबुआ जिले के खवासा जैसे गांव से निकलकर देश के ख्यातिप्राप्त हासपीटल एपिक अस्पताल अहमदाबाद के संचालन तक पहुंचना बड़ी संघर्ष की दास्तां है डाक्टर अनिल जैन खवासा के रणजीत भाई नानालाल वागरेचा के पुत्र हैं कभी इनका मकान 20 हजार रूपये में निलाम होने वाला था आज़ आपने विश्व स्तरीय मुकाम स्थापित किया जो क्षेत्र ज़िले के लिए गर्व की बात है। डाक्टर अनिल जैन क्या खाएं कैसे जानलेवा बिमारी से बचें को सरल ढ़ंग से समझाते हुए कहा कि। अनियमित जीवन शैली तनाव खान-पान रहन-सहन में बदलाव छोटी मोटी एक्सरसाइज घरेलू कार्य का अभाव हार्ट अटैक जैसी बिमारी को बढ़ा रहा। हर तीसरे चौथे व्यक्ति को इसकी संभावना बनी है । जीभ के स्वाद के चलते पकोड़े,समोसे,तेलीय खाद्य पदार्थ ज्यादा खा रहैकितु फलो व सलाद से दूर हो रहें। व्यायाम सायकल चलाने हमने छोड़ दिया महिलाओं में कय बिमारी सर्वाधिक घुटने संबंधित बढ़ रही। शुगर बल्ड प्रेशर में इजाफा हो रहा है। हार्ट की रक्त वाहिकाओं को निरंतर सक्रिय रहना पड़ता है। हम सोते हैं किंतु रक्त दबाव प्रभाव निरंतर जारी रहता है। बढ़ते दिल के मरीज आजकल जीवन शेली का भी परिणाम हैं। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रखने हेतु घी चिकनाई युक्त वसा ज्यादा सैवन व नमक से बचें। एक तंदुरस्ती हजार नियामत इसलिए शरीर को आराम भी दे शरीर से काम भी ले आजकल मध्यम वर्ग परिवार में कामवाली बाई पर ही घरेलू कार्य जिसमें शारीरिक व्यायाम हों बंद से हैं पोता लगानें बर्तन व कपड़े धौना एवं नियमित टहलना बंद सा हैं। मोबाइल पर अंगुलियां निरंतर जारी है किंतु सायकल पर पांव नहीं घुमा पा रहे हैं। चाट चटोरा पद्धति शरीर को नाश की ओर लै जा रही है। कार्यशाला को कैंसर रोग विशेषज्ञ डाक्टर संकेत मेहता ने संबोधित किया। डाक्टर अनिल जैन ने शाल ओढ़ाकर पंकज वागरेचा एवं परिवार का सम्मान किया साथ डाक्टर समीर मेहता का बहुमान किया। अशोक छाजेड़,यशवंत बाफना,पंकज वागरेचा,मनीष गिरधाणी ने संबोधित किया। राष्टीय कवि निसार पठान रम्भापुरी ने कविता के माध्यम से डाक्टर अनिल जैन व पंकज वागरैचा जी का अभिनंदन किया श्री पठान ने कहा दिल का दिल से रिश्ता है। डाक्टर के रूप अनिल जैन फरिश्ता है।। संयमित न रहें मन से टटोलना पड़ता है। दिल का मामला है देखभाल रहें वरना डाक्टर जैन को दिल खोलना पड़ता है

सराहनीय सहयोग पर किया सम्मान
वागरेचा परिवार द्वारा विभिन्न सेवाभावी डाक्टर पेरामेडिकल नर्सिंग स्टाफ सहित नगर के सकल जैन श्री संघ के उर्जावान कार्यकर्ताओं का तहसील पत्रकार संघ भारतीय पत्रकार संघ के सदस्यों रोटरी क्लब अपना टीम, डायमंड गुरप सदस्यों व डाक्टर किशोर पढवाल हॉस्पिटल, जीवन ज्योति अस्पताल फादर थामस,बीएमो डाक्टर विनोद नायक आदि को सम्मानित किया। इनका रहा सराहनीय सहयोग आयोजन सफल बनाने वागरेचा परिवार की स्नेहलता बहन वागरेचा तप चक्रेश्वरी संजय वागरेचा निरंतर सक्रियता रहने वाले निलेश भानपुरिया,रोटरी क्लब के भरत भाई मिस्त्री,विनोद बाफना,आशा फार्म के श्री छाजेड़ वरिष्ठ सहयोगी अनूप भंडारी,मधु खंडेलवाल,चैतन झामर,राजेश जैन,बबली शर्मा,राजेंद्र श्रीवास्तव,डाक्टर भावेश कटारा भारतीय पत्रकार संघ के तहसील अध्यक्ष दशरथ कट्ठा, पत्रकार संघ के तहसील अध्यक्ष प्रकाश भंडारी,रोहित झायर,सलीम शैरानी,भूपेन्द्र बरम़ंडलिया,अमित भंडारी, विमल मूथा,हरिराम गिरधाणी,पंकज राका,मांगीलाल नायक, विरेन्द्र जैन,महेन्द्र सोलंकी,शरद बाफना,ज्वाइंट गुप सदस्यों आदि का सहयोग सराहनीय रहा सचालन सुमित जैन ने किया आभार पंकज वागरेचा ने माना



