मुख्य संपादक दशरथ सिंह कट्ठा
धरमपुरी (झाबुआ) शिवगंगा झाबुआ द्वारा आयोजित देव सेवा यात्रा का आज धरमपुरी स्थित शिवगंगा गुरुकुल में ग्राम समृद्धि के संकल्प के साथ भव्य समापन हुआ। झाबुआ और अलीराजपुर दोनों जिलों में संचालित सभी यात्राओं का समापन एक साथ धरमपुरी में हुआ, जहाँ यात्रा से जुड़े कार्यकर्ताओं,ग्राम नेतृत्व और सहभागियों ने अपनी अनुभूतियाँ साझा कीं तथा अपने-अपने गाँवों में पाँचों देवों जल, जंगल,जमीन,जानवर और जन की वास्तविक सेवा अर्थात् संवर्धन के माध्यम से समृद्धि लाने का संकल्प लिया यह देव सेवा यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि गाँव-गाँव में सामाजिक चेतना और सामूहिक दायित्व बोध जगाने वाला एक व्यापक जनजागरण अभियान रही इस यात्रा के माध्यम से ग्राम समृद्धि टोलियों का निर्माण हुआ, जो निरंतर सीखते हुए, मिल-जुलकर और श्रम के माध्यम से अपने गाँवों के समग्र विकास के लिए कार्य करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ीं

इस अभियान के अंतर्गत कुल 11 समानांतर यात्राएँ संचालित की गईं
प्रत्येक यात्रा प्रतिदिन तीन गाँवों में पहुँची और इस प्रकार सात दिनों में 250 से अधिक गाँवों तक देव सेवा और ग्राम समृद्धि का संदेश पहुँचा हर गाँव में देवस्थानों की सफाई,जल स्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन, मातावन (वन क्षेत्र) की सेवा,आगामी वर्षाकाल के लिए वृक्षारोपण हेतु गड्ढे खोदना,जैविक खेती का प्रचार,जमीन माता की सेवा तथा पशु- संवर्धन से संबंधित जागरूकता गतिविधियाँ की गईं इन सभी कार्यों में महिलाओं,बच्चों और पुरुषों की व्यापक सहभागिता रही गाँवों के तड़वी,सरपंच और सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं ने यात्राओं का आत्मीय स्वागत किया,जिससे यह अभियान एक जन- आंदोलन का रूप ले सका यात्रा के समापन अवसर पर झाबुआ क्षेत्र की यात्रा के प्रभारी आमलीफालिया निवासी रमू भाई वाखला ने कहा कि इस प्रकार के सामाजिक जनजागरण अभियानों से गाँवों में ग्राम समृद्धि की सशक्त टोलियाँ विकसित हो रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से झाबुआ को अक्षय विकास का ऐसा मॉडल बनाया जाएगा, जिसे देश-विदेश के लोग आकर देख सकेंगे और उससे प्रेरणा ले सकेंगे।



