मुख्य संपादक दशरथ सिंह कट्ठा
झाबुआ…झाबुआ जिले में अवैध धर्मांतरण को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा जनसुनवाई में शिकायतें लगातार की जा रही हैं इन शिकायतों में मुख्य रूप से आदिवासियों को लालच या दबाव देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं तो वहीं अवैध धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है जिले के रामा ब्लॉक स्थित रोटला कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की अधीक्षक पर अनुसूचित जनजाति की नाबालिग छात्राओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के गंभीर आरोप लगे हैं… छात्रावास की पीड़ित छात्राओं के परिजनों एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपकर कड़ी से कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि छात्रावास अधीक्षक श्रीमती बबीता डाबी द्वारा छात्राओं पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया छात्राओं से जबरन यीशु मसीह की प्रार्थना करवाने तथा बाइबिल पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। ऐसा न करने पर छात्रावास से बाहर निकालने की धमकी दी गई जिससे छात्राएं मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही थी छात्रों के अभाविप के अनुसार कथित दबाव और प्रताड़ना के चलते लगभग 10 से 12 नाबालिग छात्राओं ने छात्रावास छोड़ दिया, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हुई है संगठन ने इसे बाल संरक्षण कानूनों का उल्लंघन बताते हुए संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और जनजातीय समुदाय के अधिकारों पर आघात बताया है ज्ञापन में मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा पद के दुरुपयोग से धर्मांतरण कराना या उसका प्रयास करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अभाविप की प्रमुख मांगें—निष्पक्ष जांच कर अधीक्षक पर एफआईआर दर्ज की जाए,दोष सिद्ध होने पर तत्काल पद से बर्खास्त किया जाए,जिले के सभी आवासीय छात्रावासों में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए,छात्रावास अधीक्षकों का कार्यकाल अधिकतम तीन वर्ष तक सीमित किया जाए संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं सर्व हिंदू समाज आंदोलन करने को विवश होंगे,जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी



