मुख्य संपादक दशरथ सिंह कट्ठा झाबुआ
झाबुआ…आदिवासी समाज मे दहेज,दारू और डीजे बंद हो उसे लेकर थांदला,मेघनगर तहसील के आदिवासी समाज के लोगो की उपस्थिति में बैठक का आयोजन किया गया बैठक में बड़ी संख्या में विभिन्न गांव के पटेल,सरपंच और प्रभावशील लोगो व समाज के लोग ने मिलकर समाज के उत्थान के लिए इक्कठे हुए बैठक में मुख्य अतिथि थांदला एसडीएम तरुण जैन,वरिष्ठ समाज सुधारक श्यामा ताहेड़ सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के कर्मठ कार्यक्रता उपस्थित थे

आदिवासी समाज के लोगो ने बैठक में शादी समाहरो में फिजूलखर्ची,दहेज प्रथा,हुड़दंग जैसी कुरूतियों को पूरी तरह से रोकने व खतम करने का निर्णय लिया और समाज की जो पुरानी परंपराएं हैं,वे सभी फिर से लागू की जाएगी शादी या किसी कार्यक्रम में फिजूलखर्ची रोकी जाय शराब सेवन, डीजे,दहेज बंद किया जाएगा। समाज के विरिष्ट श्यामा ताहेड ने बताया कि समाज की शादियों में डीजे नहीं बजेगा,शराब नहीं परोसी जाएगी और दहेज नहीं लिया जाएगा। ये तीनों बातों का अब आदिवासी समाज में पालन होगा। अभी तक समाज में ये तीनों बातों की रोक नहीं थी, जिस कारण कई परिवार बर्बाद हो रहे थे। कई लोग अपनी जमीन बेचकर दहेज देते थे और शादियों में फिजूलखर्ची होती थी। इस दौरान समाज ने निर्णय लिया कि अपने पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल मांदल के साथ ही शादी की जाए तथा अपने मूल परंपराएं को ध्यान में रखते हुए पटेल के माध्यम से ही शादी कराई जाए। इसके साथ में प्रत्येक घर से बच्चों को स्कूल भेजने का लिया संकल्प। शिक्षा पर बात करते हुए समाज ने अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा देने के लिए समाज के अंदर बुराइयों को दूर करने को लेकर संकल्प लिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता,पटेल,कोटवार,सरपंच उपस्थित थे।



