भोपाल में राज्यस्तरीय आंदोलन कर 42 जिलों के वीएलई/सख़ी ने दिखाई अपनी ताकत
मुख्य संपादक दशरथ सिंह कटठा
भोपाल…महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र(एमजीजीएसके) परियोजना के तहत रखें गए 5000 वीएलई/सख़ी का मानदेय की मांग को लेकर एमजीजीएसके वीएलई संघर्ष समिति,मप्र के बैनर तले किया गया राज्यस्तरीय आंदोलन। स्टेट कोर कमेटी सदस्य मनोज रजक ने संबोधित करते हुए कहा कि हम पिछले लंबे समय से अपने जायज हक के लिए लड़ रहे है। वीएलई के माध्यम से ग्राम पंचायत में 11 प्रकार के प्रमाण पत्रों की सुविधा,आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना,किसान सम्मान निधि, बैंकिंग सुविधाएँ, बी2बी, जी2बी, जी2सी, जी2जी की सुविधायें, पीएम डिजिटल साक्षरता मिशन के अलावा विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा का लाभ ग्रामीण जनों तक महात्मा गाँधी ग्राम सेवा केन्द्र द्वारा पहुँचाया। लेकिन आज दिनांक तक भी 1रुपये का मानदेय का भुगतान MGGSK VLE/सख़ी को नहीं किया गया इसके साथ परियोजना के।ब्लॉक/जिला समन्वयकों का वेतन भी बकाया है। मुख्य वक्ता युवा संगठन एआईडीवायओ राज्यसचिव प्रमोद नामदेव ने कहा एक तरफ तो सरकार लाड़ली बहना,आयुष्मान कार्ड योजना की वाहवाही लूट रही है वहीं दूसरी तरफ एमजीजीएसके वीएलई ने ये ऑनलाइन काम किया उसका भुगतान नही कर रही है। प्रदेशभर में बेरोजगारी चरम पर है। युवा आत्महत्या से कदम उठा रहा है सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है। प्रदेश में लाखों की संख्या में डिग्रीधारी बेरोजगार घूम रहे। कोई स्थायी रोजगार नही परीक्षा में पेपरलीक, घोटाला आम बात हो गयी है। ग्राम स्तर पर सेवाएं दे रहे वीएलई/सख़ी को बिना मानदेय दिए कार्य कराया जा रहा है।राज्यस्तरीय आंदोलन के संचालक मंडल सदस्य अनिल कनारे, हरिश्चंद्र चिढार, राम नरेश रिछारिया,हरीदास राजपूत, कुणाल वाराडे,रविन्द्र सिंह लोधी, धीरेंद्र शिवहरे ने भी संबोधित किया। इसके अलावा 42 जिलों से आएं नेतृत्वकारी वीएलई/सख़ीयो ने भी अपनी बात रखी।

ज्ञापन सौपने गए 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल मुख्यमंत्री आवास गया जहां मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात की गई। प्रदर्शन से पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके आवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। इसके अलावा सीएससी(कॉमन सर्विस सेंटर) के मध्यप्रदेश हेड से उनके कार्यालय पर जाकर एक प्रतिनिधिमंडल मिला।



