मुख्य संपादक दशरथ सिंह कटठा झाबुआ
कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया के गृह विधानसभा क्षेत्र की स्कूल के है ये हाल बेहाल
झाबुआ…आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में शिक्षा के लिए चाहे कितने ही प्रयास किये जायें मगर ग्रामीण इलाकों में स्थिति काफी जस की तस बनी हुई है छात्र-छात्राए अपनी जान आफत में डालकर अध्ययन करने को मजबूर है मगर जिम्मेदार है कि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं

ताजा मामला झाबुआ जिले के विकासखण्ड रामा के अंतर्गत स्कूल माछलिया के गांव की प्राथमिक विद्यालय बड़ी भैसा कराई का है जहाँ टपकती छत , ओर जर्जर भवन में अपनी जान को जोखिम में डालकर विद्या अध्ययन करना पड़ रहा है मगर जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक इस ओर सुध नही ली पूर्व में किचन शेड भी धराशाही हो चुका है स्कूली शिक्षक द्वारा कई बार इस बारे में विभाग को अवगत करवाया मगर आज तक विभाग के कानों तक जु तक नही रेगी विद्यालय के बाहर ही कीचड़ व गन्दगी पसरी पड़ी है जब छात्र छात्राओं से मध्यान भोजन के बारे में जाना तो पता चला कि समूह संचालक भी अपनी मनमानी चलाता है कभी भी मीनू अनुसार बच्चों को भोजन नही मिला जबकि इस विद्यालय में 63 बच्चे दर्ज है और 2 कमरों में विद्यालय का संचालन होता है और दोनो ही कमरों की हालत जर्जर है जिसको लेकर स्कूल के प्राथमिक शिक्षक आनन्द भूरिया ने जानकारी देते हुवे बताया कि जर्जर भवन को लेकर हम पूर्व में भी लिखित में दे चुके है मगर अभी तक कुछ हुवा नही हमें भी डर है कोई बड़ा हादसा न हो जाये पूर्व में भी स्कूल के कमरों से लगा किचन शेड भी धराशाही हो चुका है अब देखना है कि जिला कलेक्टर इस मामले को सज्ञान में लेकर क्या कदम उठाती है यह तो वक्त बताएगा या स्कूली छात्र छात्राए जान हथेली पर रखकर विद्याध्ययन करते रहेंगे



